Friday, September 14, 2018

英国议会呼吁延缓生物燃料发展

《路透社》周一报道,据英国议会一名委员称,生物燃料可能并不会减少温室气体排放。他呼吁暂缓生物燃料的大量使用。
英国下议院环境审核委员  说:“生物燃料能够减少道路交通的碳排放,——但是目前来看大多数生物燃料都对环境有不利影响。”

据报道称,因为缺乏严格的可持续性标准及避免大规模土地破坏的方法,大型生物燃料工业可能破坏英国环境,造成全世界范围内严重的雨林破坏。

目前,第二代生物燃料的研究正在进行中。新的生物燃料可能使用水产品代替农作物。但是议会委员注意到这一新技术还需要好几年时间才能投入使用。
《中国日报》引据湖南省环境官员报道说,湖南当局已经为省内832家造纸企业制定了清理整顿的最后期限。
湖南省环保局局长蒋益民上周六说道,省政府已经要求洞庭湖沿岸的234家工厂立刻停产,因为他们没有水处理或碱回收装置。

他补充道,如今湖南省内的832家造纸企业若不按期进行整顿,它们将被勒令关闭或停产。新华社》周五根据一份调查报道说,去年近70%的北京居民认为其生活受到了环境污染的影响,其中空气污染被认为是最大的问题。 近60%的北京人“为居住在这个城市而感到快乐”,然而67.2%的北京居民认为他们的生活受到了环境污染的影响。

这份由首都经贸大学公布的报告指出,汽车尾气排放是空气污染的主要来源。《路透社》上周六引据一位挪威科学家报道说,以中国为代表的亚洲工业发展 导致了大气中二氧化碳浓度达到新高。 挪威极地研究所研究主管霍尔曼在对南极洲一个研究站的访问中说道:“一月大气中二氧化碳浓度已高出去年同期水平。”

他说,北极的一个挪威研究所的测量显示,大气中二氧化碳浓度目前大约为每百万单位大气含有394单位二氧化碳,比2008年年初水平高出1.5个单位量。报道,英国首相布朗说,中英已进入了一个新的环保合作时期。他承诺向中国提供5千万英镑的绿色技术项目资助,来帮助中国提高能源效率, 发展洁净煤和碳捕获技术。 19日,布朗与上海市市长韩正共同签署了《中国可持续发展生态城市项目设计、实施和融资谅解备忘录》这也意味着,中英双方合作开发崇明东滩生态城再度迈出新的步伐,双方将以此作为全球首个可持续发展生态城市的范例。

“崇明东滩项目将与英国泰晤士河谷紧密联系。这一项目显示出,英国和中国正在成为全球环保事业的领跑者。”布朗在上海表示。

英国官员说,中国已成为了全球最大的温室气体排放国,但也将成为受全球变暖影响最严重的国家。 路透社》周四引据中国南水北调工程建设委员会办公室主任张基尧说,各地方官员必须帮助加速完成奥运期间河北向北京应急调水的管网工程。 为保证今年首都的奥运用水安全,北京计划通过南起石家庄市、长达300公里的管网及运河系统进行南水北调。然而,报道称该工程的进度较于计划有所推后。

张基尧提醒地方官员道,今年是水调工程“关键性一年”,相关各地政府应“提升工程管理水平,致力于为工程开展扫清障碍。”
周三法国石油巨头Total公司被裁定对1999年灾难性的石油泄漏事件偿付数百万欧元。该事件中Total公司于法国海岸泄漏了一批有毒燃料,阻碍了当地工业发展,300,000余只海鸟因此受伤或死亡。
据《卫报》报道,法官裁定多家公司机构,包括鸟类保护协会、渔民和牡蛎养渔者,均有权因环境破坏而获得赔偿。该裁定在法律历史上尚属先例,深受环保主义者欢迎。根据裁定,污染者有责任对所造成的自然界破坏及经济利益的损害进行偿付。

该事件中,失修邮轮 号沉没,造成约270,000 吨废料亟待清理。
为巴西政府部门工作的科学家周三说,近几个月来,世界最大雨林的森林采伐活动在迅速地增加,而且这样的趋势在2008年还有可能继续。这是四年来亚马逊地区首次出现的森林采伐活动的增加。
巴西说,采取的制止非法伐木和完善土地所有权管理的措施有助于亚马逊地区的保护。 但环保组织警告说,全球商品价格的上涨可导致为发展农业而伐木让地。

巴西空间研究所的科学 e说,政府很关注前四个月发生的情况,为此,正派专人加强监管亚马逊地区的执法工作。

全球石油价格的高涨有可能推动在亚马逊地区发展生物燃油的需求。
法院裁定Total公司操作疏忽,罚款375,000 欧元。该公司还被勒令分担偿付给当地受害各方约2亿欧元的赔偿金。中国日报》引据无锡市一位官员报道说,自去年五月太湖蓝藻污染事件后,太湖的水质已有“明显改善”。
污染事件发生后,位于中国东部江苏省的太湖便成为了全球媒体的头版头条。《纽约时报》去年十月的报道关注了太湖卫士吴立红的故事。

《新华社》引据无锡市环保局局长刘亚明报道说,作为无锡市主要水源的太湖的氮浓度已有大幅下降。

去年太湖水质污染事件发生后,无锡市超过 万的居民用水出现紧张。虽然当地自来水中的有机物污染水平也出现下降,当地政府官员承认水质清理工作仍将是一个“漫长的过程”。

Monday, September 3, 2018

GST कोर्ट के फैसले से उठा सवाल, क्या गीता, कुरान और बाइबल पर लगेगा टैक्स?

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में बेखौफ गुंडों ने दिनदहाड़े अगवाकर एक नाबालिग लड़की से दरिंदगी की. हैरानी तो ये है कि लोग लड़की को खींचकर ले जाते देख रहे थे. पास से गुजर रहे लोग पूरी वारदात का वीडियो बना रहे थे लेकिन किसी ने लड़की को बचाने की कोशिश नहीं की. हालांकि शिवराज सरकार दावा करती है कि मध्य प्रदेश में नाबालिग से रेप के
जीएसटी एक्ट में महज धार्मिक किताबों का जिक्र किया गया है. लेकिन धार्मिक किताब को किसी तरह से वर्गीकृत  नहीं किया गया है. लिहाजा, ऐसी स्थिति में साफ है कि जीएसटी कानून के दायरे में सभी धर्मों के प्रमुख ग्रंथ भी शामिल रहेंगे और इनकी किसी भी धर्मार्थ संस्था अथवा अन्य द्वारा बिक्री पर जीएसटी देय होगा.
खिलाफ सबसे सख्त कानून है.
आध्यात्मिक ज्ञान जरूरी नहीं कि टैक्स से मुक्त हो. महाराष्ट्र में जीएसटी कोर्ट ने फैसला दिया है कि अब धार्मिक ग्रंथ, धार्मिक मैगजीन और डीवीडी के साथ-साथ धर्मशाला और लंगर जीएसटी के दायरे में होंगे. कोर्ट की दलील है कि इन वस्तुओं की बिक्री एक कारोबार है और इन्हें खैरात मानते हुए टैक्स से मुक्त नहीं किया जा सकता है.
महाराष्ट्र की कोर्ट के पास टैक्स संबंधी यह मामला श्रीमद राजचंद्र आध्यात्मिक सत्संग साधना केन्द्र के खिलाफ आया. कोर्ट के सामने संस्था ने दलील दी कि उसका प्रमुख काम धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा का प्रसार है लिहाजा उसके काम को कारोबार की संज्ञा नहीं दी जानी चाहिए.
गौरतलब है कि सीजीएसटी एक्ट के सेक्शन 2(17) के तहत यदि धर्म से जुड़े ट्रस्ट ऐसे किसी काम का सहारा लेते हैं जहां किसी वस्तु अथवा सेवा के लिए पैसा लिया जाता है तो उसे कारोबार की श्रेणी ने रखा जाएगा और उसपर 18 फीसदी की दर से जीएसटी वसूला जाएगा.
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अपनी दलील के साथ संस्था ने दावा किया कि धार्मिक प्रसार के अपने प्रमुख दायित्व को निभाने में वह धार्मिक ग्रंथ, मैगजीन, म्यूजिक सीडी समेत धर्मशाला और लंगर लगाने के काम को करता है, लिहाजा उसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए.
श्रीमद राजचंद्र आध्यात्मिक सत्संग साधना केन्द्र की दलील पर गौर करने के बाद महाराष्ट्री की जीएसटी कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि शिबिर सत्संग धर्मार्थ संस्था के तौर पर इनकम टैक्स के सेक्शन 12 एए के तहत रजिस्टर्ड है. ऐसी स्थिति में उसके धर्मार्थ कामों को जीएसटी के दायरे से बाहर नहीं किया जा सकता है.
गौरतलब है कि जीएसटी एक्ट में महज धार्मिक किताबों का जिक्र किया गया है. लेकिन धार्मिक किताब को किसी तरह से वर्गीकृत  नहीं किया गया है. लिहाजा, ऐसी स्थिति में साफ है कि महाराष्ट्र के इस फैसले के बाद यदि कोई धार्मिक संस्था अथवा ट्रस्ट धार्मिक ग्रंथों की बिक्री करती है तो उसे जीएसटी अदा करना होगा. हालांकि एक्ट में जिक्र है कि यदि कोई संस्था ग्रंथ/किताब/मैजगीन को किसी पब्लिक लाइब्रेरी के तहत लोगों के उपयोग के लिए रखती है तो ऐसी स्थिति में उसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाएगा.
लिहाजा, अब कोई धार्मिक संस्था श्रीमद भागवत गीता, कुरान अथवा बाइबल जैसे धार्मिक ग्रंथों की बिक्री करता है तो उसे जीएसटी के दायरे में रखा जाएगा.

Saturday, September 1, 2018

中国在七城市启动碳排放权交易体系试点

照中国国家发展和改革委员会宣布的计划,深圳——中国第一个碳排放权交易试点城市,要在“十二五”期间将碳排放量减少21%。
广东省深圳市启动了中国首个碳排放权交易体系的试点。

据媒体报道,深圳有600多家企业(和197大型公共建筑)将被纳入试点范围——覆盖全市总排放量的38%。这些企业的碳排放量要受到制约,如果超过了允许的配额,则须购买碳信用额度。

在这一体系下,深圳必须在2010年至2015年期间将碳排放量减少21% 。中国还有六个城市也将成为试点。然而,与中国其他许多城市不同,深圳没有化学工业、钢铁厂或发电厂等直接排放源。

汤森路透碳点公司的分析师柴洪亮(音)表示:“虽然试点企业的正式名单尚未公布,但在这个有上千万人口的城市里,中石油、中海油、华润集团、华为等大名鼎鼎的企业由于业务领域的关系,很有可能会成为试点。”

“尽管市场是不确定的,但由于政府设定了这样一个雄心勃勃的碳减排目标,我们预计试点公司的排放总量将会降低,”蔡洪亮接着说。

复旦大学环境经济研究中心副主任李志清在接受媒体采访时说:“中国的碳排放量不仅解决中国的发展问题,也有利于世界的稳定和发展。”众所周知,中国是吸引清洁能源投资最多的国家,仅2012年就吸收了651亿美元投资。但世界资源研究所最近的一份研究展现了这个故事另外一面:中国在清洁能源投资方面也日益成为一股全球性的重要力量。
事实上,过去十年中国太阳能与风电产业的海外投资总额接近400亿美元。
中国在清洁能源领域的海外投资与中国、印度、巴西等主要新兴经济体逐步成为全球对外投资重要来源的大趋势相吻合。
根据我们的研究,过去十年间(2002-2011)中国企业在33个国家投资了至少124个风电和太阳能项目,其中超过一半是2010年到2011年间进行的。
虽然部分数据的缺失导致我们无法掌握中国风电和太阳能海外投资的全貌,但我们仍然发现:
  • 中国投资风电项目16个,投资总额约100亿美元,太阳能项目38个,总额约275亿美元。
  • 53个有现成数据的项目累计装机容量将近600万千瓦。
  • 投资主要集中在发电领域。设备制造和建立营销网络方面的投资项目屈指可数。
  • 大多数投资在发达国家。大量资金投入美国市场,其他主要投资目的地还有德国、意大利和澳大利亚。南非、巴基斯坦和埃塞俄比亚等几个发展中国家也吸引了多个投资项目。
中国在风电和太阳能领域的投资受到很多因素的驱动。风电涡轮和太阳能光伏制造业都经历了显著的发展—— 年世界风电涡轮和太阳能光伏制造领域各有四家中国企业跻身世界前十。不过,两者的市场基础各不相同:中国风电产业主要依靠广阔但供给过剩的国内市场,而太阳能制造业 %的销售额则来自国际市场。
中国的风电和太阳能产业都亟需开发国际市场,但这并不容易。中国风电企业在国际市场立足未稳。欧洲太阳能市场补贴减少导致对中国太阳能光伏产品的需求下降。在这种情况下,对海外直接投资被视为一种创造出口需求、保留并扩大市场份额的手段。
其他推动中国风电与太阳能产业海外投资的因素还包括金融危机后抄底他国低估值资产,目的地国可再生能源目标和税费优惠政策,以及对新技术的需求。